बलरामपुर। वाड्रफनगर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय भरूहीबांस में पदस्थ प्रधानपाठक मनोज गुप्ता पर महिला शिक्षिकाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिक्षिकाओं ने उन पर अभद्र व्यवहार और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें करने का आरोप लगाया है। मामले की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी और क्षेत्रीय विधायक से की गई थी।
शिकायत के अनुसार, एक महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया कि जब वह अपने शिशु को स्तनपान करा रही थीं, तब प्रधानपाठक ने कथित तौर पर छिपकर देखने का प्रयास किया। इसके अलावा, महिला शिक्षिकाओं ने यह भी आरोप लगाया कि मासिक धर्म के दौरान अवकाश लेने पर उनसे मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की जाती थी। उनका कहना है कि इन घटनाओं के कारण विद्यालय का वातावरण असुरक्षित और असहज हो गया है तथा वे मानसिक तनाव में कार्य करने को मजबूर हैं।

मामला क्षेत्रीय विधायक तक पहुंचने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने DMC के माध्यम से पूरे मामले की जांच कराई। शिकायतकर्ता शिक्षिकाओं का दावा है कि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक संबंधित प्रधानपाठक के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है।
कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर महिला शिक्षिकाओं ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है, तब विभाग की ओर से निर्णय लेने में हो रही देरी कई सवाल खड़े करती है। इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और महिला कर्मचारियों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।










