रायपुर, सिकल सेल रोग की रोकथाम और मरीजों को बेहतर एवं सतत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को रायपुर में राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित किया। सिकल सेल से सर्वाधिक प्रभावित 11 जिलों के प्रतिनिधियों सहित स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेजों, यूनिसेफ, विभिन्न विभागों, संस्थाओं और निजी चिकित्सकों ने इसमें भाग लेकर प्रदेश में सिकल सेल देखभाल व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर मंथन किया।
परामर्श में स्क्रीनिंग से लेकर उपचार, उपचार अनुपालन, रेफरल, शोध, तकनीकी सहयोग और सामाजिक सुरक्षा तक पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बच्चों के लिए विशेषज्ञ सेवाओं और मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से बेहतर रेफरल व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। इस दौरान जशपुर मॉडल को सिकल सेल केयर की महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
जमीनी चुनौतियों और उपलब्ध संसाधनों पर केंद्रित चर्चा के लिए प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया। इनमें स्क्रीनिंग कवरेज बढ़ाना, उपचार एवं उपचार अनुपालन सुधारना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और रेफरल तंत्र मजबूत करना प्रमुख रहे। समूह चर्चा से सामने आए सुझावों के आधार पर प्राथमिकता वाले कार्यों और आगामी कार्ययोजना पर सहमति बनाई गई।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. के. आर. सोनवानी सहित संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं ने परामर्श को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्य स्तर की यह पहल सिकल सेल के खिलाफ चल रहे प्रयासों को जिला स्तर से लेकर विशेषज्ञ उपचार तक एकीकृत और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।










