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सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार में नंबर 1 बनने की होड़ मची – कांग्रेस

CG Khabar : रायपुर। ACB और ईओडब्ल्यू द्वारा करप्शन में बढ़ोत्तरी के हालिया आंकड़े पर सरकार से सवाल पूछते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड चीख-चीखकर गवाही दे रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के आते ही भ्रष्टाचार बेलगाम हो गया है। सुशासन का ढिंढोरा पीटने वाली साय सरकार के राज में राजस्व, स्कूल शिक्षा और पंचायत विभाग घूसखोरी और वसूली के सारे रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बने अभी तीन साल का वक्त नहीं हुआ है, लेकिन प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूटपाट ने पिछली सारी हदें पार कर दी हैं। एसीबी और ईओडब्ल्यू के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि इस सरकार ने रिश्वतखोरी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जनता अपने ही कामों के लिए दर-दर भटक रही है और सरकार के संरक्षण में दलाल तंत्र हावी है। यह सरकार सबका साथ, विकास नहीं बल्कि भ्रष्टों का विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री मंचों से जीरो टॉलरेंस और पारदर्शी व्यवस्था का ढोंग पीट रहे हैं, लेकिन एसीबी, ईओडब्ल्यू के आंकड़े बताते हैं कि थानों से लेकर मंत्रालय तक घूसखोरी के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। जनता का हर छोटा-मोटा काम बिना चढ़ावे के संभव नहीं है। डबल इंजन सरकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग उद्योग बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और जो थोड़े-बहुत काम हो रहे हैं, वे कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहे हैं। शिक्षा विभाग में चपरासी से लेकर शिक्षक तबादलों तक में वसूली का खेल चल रहा है, ज्ञान का पवित्र विभाग तबादला उद्योग चला रहा है, वहीं राजस्व विभाग में नामांतरण और डायवर्शन के नाम पर आम जनता को लूटा जा रहा है। आम आदमी, किसान, व्यापारी और छात्र त्रस्त हैं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर जनता के जूते घिस रहे हैं, लेकिन बिना सुविधा-शुल्क के एक पत्ता नहीं हिल रहा है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पारदर्शी व्यवस्था, ऑनलाइन पोर्टल और त्वरित प्रशासनिक कसावट के कारण बिचौलियों पर लगाम लगी थी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत थी और आम आदमी को सीधा लाभ मिल रहा था। आज भाजपा राज में दलाल और भ्रष्ट अधिकारी फिर से हावी हो चुके हैं। यह सरकार खुद भ्रष्टाचार की पोषक बन चुकी है। राजस्व, शिक्षा और पंचायत जैसे जन-जुड़े विभागों में भ्रष्टाचार का यह नंगा नाच इस बात का प्रमाण है कि सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है। कार्रवाई का दिखावा सिर्फ छोटी मछलियों पर और बड़े मगरमच्छ मंत्रियों के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं। जब मुखिया और मंत्री ही संरक्षण देंगे, तो एसीबी के आंकड़े तो बढ़ेंगे ही। छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता को भाजपा ने सुशासन के नाम पर ठगा है। छत्तीसगढ़ अब रिश्वतखोरों का स्वर्ग बन चुका है। थाने, तहसीलों से लेकर मंत्रालय तक बिना सुविधा-शुल्क के कोई फाइल आगे नहीं बढ़ रही है, जिस तरह से बेलगाम हुआ है, उसने आम जनता की कमर तोड़ दी है।

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