रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन द्वारा ईस्ट एवं नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला का भव्य और सफल आयोजन किया गया। रायपुर में आयोजित इस चार दिवसीय कार्यशाला में देश के 12 राज्यों से लगभग 55 तीरंदाजी कोचों ने सहभागिता की। प्रत्येक राज्य से 2 से 3 प्रशिक्षकों ने भाग लिया, वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ से लगभग 8 से 10 कोच इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने दी आधुनिक तकनीक और न्यूट्रिशन की जानकारी
चार दिनों तक चली इस कार्यशाला में प्रशिक्षकों को तीरंदाजी की अत्याधुनिक तकनीकों, नई प्रशिक्षण पद्धतियों, खिलाड़ियों की शारीरिक व मानसिक तैयारी तथा वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली का विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया गया:
- तकनीकी मार्गदर्शन: कोलकाता स्थित SAI के HOD एवं अंतरराष्ट्रीय कोच श्री गंगाधर जी तथा असम से आए श्री अमरजीत दुबे जी ने उपस्थित रहकर कोचों को तकनीकी प्रशिक्षण व व्यावहारिक गुर सिखाए।
- न्यूट्रिशन एवं आहार मार्गदर्शन: नई दिल्ली से आए प्रसिद्ध डाइटिशियन श्री सचिन उपाध्याय जी ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए सही आहार, पोषण और फिटनेस प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल संचालन भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कैलाश मुरारका जी ने किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव श्री आयुष मुरारका जी ने सभी आमंत्रित अतिथियों और विशेषज्ञों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर दुर्ग-भिलाई जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष श्री सतीश साहू जी, श्री सुरजीत छाबड़ा जी, श्री सोनू राजपूत जी समेत प्रदेश के अनेक तीरंदाजी प्रशिक्षक व खिलाड़ी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों एवं ट्रेनर्स को शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव का प्रेरणादायी संबोधन
कार्यशाला के दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री तथा खेल मंत्री श्री अरुण साव जी ने उपस्थित कोचों व संघ पदाधिकारियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने श्री कैलाश मुरारका जी के खेल के प्रति ऊर्जा, समर्पण और तीरंदाजी को बढ़ावा देने के जुनून की विशेष रूप से प्रशंसा की।
- प्रतिभाओं की धरती: खेल मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खेल प्रतिभाओं की समृद्ध धरती है, जहाँ खेलों के सर्वांगीण विकास की अपार संभावनाएँ हैं। खेलों के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
- खेलो इंडिया और ओलंपिक की तैयारी: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में खेलो इंडिया योजना, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ओलंपिक की तैयारियों का उल्लेख करते हुए दोहराया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों और कोचों को हर संभव संसाधन व अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- कोच की भूमिका महत्वपूर्ण: श्री साव ने कहा कि कोच केवल ट्रेनर नहीं बल्कि खिलाड़ियों के मार्गदर्शक और अभिभावक होते हैं। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करने में उनकी तकनीकी, मानसिक व शारीरिक भूमिका सर्वोपरि है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य
छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश और प्रदेश में तीरंदाजी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, प्रशिक्षकों को आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों से लैस करना तथा आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए देश के तीरंदाजों को विश्वस्तरीय बनाना है।










