बेमेतरा (छत्तीसगढ़)। जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हेमाबंद खार में ट्रांसफॉर्मर फटने से गंभीर रूप से झुलसे तीन किसानों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं। ट्रांसफॉर्मर से निकले खौलते तेल की चपेट में आने से तीनों किसान बुरी तरह झुलस गए थे, जिन्हें इलाज के लिए रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के छठवें दिन 25 सितंबर को तीनों ने जिंदगी की जंग हार दी।
डीओ चढ़ाने के दौरान हुआ तेज धमाका
घटना 20 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे की है। ग्राम मोहतरा निवासी किसान राधेश्याम चंद्राकर (50 वर्ष), उनके पुत्र छन्नू चंद्राकर (32 वर्ष) और एक अन्य किसान ईश्वर पटेल खेत में सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रहे थे। तीनों ट्रांसफॉर्मर पर डीओ (ड्रॉप आउट फ्यूज) चढ़ा रहे थे, तभी अचानक जोर का धमाका हुआ और ट्रांसफॉर्मर फट गया। ट्रांसफॉर्मर का खौलता हुआ तेल तीनों के ऊपर गिर गया, जिससे वे बेहद गंभीर रूप से झुलस गए।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
हादसे के बाद तीनों घायलों को तत्काल रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय (आंबेडकर अस्पताल) लाया गया था। 25 सितंबर की सुबह उपचार के दौरान राधेश्याम चंद्राकर और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर की मौत हो गई, जबकि तीसरे किसान ईश्वर पटेल ने उसी दिन दोपहर में दम तोड़ दिया। एक ही गांव के तीन किसानों की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में अटल ज्योति योजना के तहत मिलने वाली बिजली आपूर्ति पिछले लंबे समय से पूरी तरह बंद थी। बिजली बंद रहने के कारण फसलों की सिंचाई रुक गई थी और किसानों को भारी नुकसान हो रहा था।
किसान रामकुमार पटेल एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बिजली बंद होने की शिकायत बार-बार विद्युत कंपनी के अधिकारियों से की गई थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन किसानों को खुद ही बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास करना पड़ा। फसल को सूखने से बचाने की इसी जद्दोजहद में तीनों किसान इस जानलेवा हादसे का शिकार हो गए।










