रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने भाजपा सरकार पर बस्तर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग उठ सकती है।
लखमा ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर के विकास को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों के कारण क्षेत्र लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बस्तर के साथ ऐसा ही व्यवहार जारी रहा तो अलग राज्य की मांग और तेज हो सकती है।
कांग्रेस विधायक ने महतारी वंदन योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि योजना की राशि प्राप्त करने के लिए महिलाओं को अपने क्षेत्र से बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।
डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए लखमा ने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन बस्तर की हवाई सेवाएं तक प्रभावित हो गई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “डबल इंजन सरकार में विमान भी बंद हो गया,” जो सरकार के विकास संबंधी दावों की वास्तविकता को दर्शाता है।
प्रश्नकाल में महतारी वंदन योजना पर हंगामा
विधानसभा के प्रश्नकाल में महतारी वंदन योजना को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा। योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने और लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख होने का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं होना, आयकरदाता बनना और अन्य अपात्रता के कारण लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए गए हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया।
राशन व्यवस्था का मुद्दा भी उठा
प्रश्नकाल के दौरान राशन वितरण व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। विधायक शेषराज हरबंस ने अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग की। वहीं भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों में उपभोक्ताओं को कथित तौर पर जबरन मसाले बेचने का आरोप लगाते हुए इस पर कार्रवाई की मांग की।









