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बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ ही साथ, अब आय- जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए नहीं पड़ेगा भटकना,  

Raipur। अब छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में नवाचार होन जा रहे हैं. बता दें कि नए शिक्षण सत्र से छत्‍तीसगढ़ के स्कूलों में छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण यानी हेल्थ चेक अप किया जाएगा. इस दौरान उन्हें पोषण की जानकारी दी जाएगी और बीमारियों की पहचान की जाएगा. स्वास्थ्य विभाग की ओर से होने वाले इस चेक अप के दौरान दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा अब स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जाति आय, निवास प्रमाण पत्र आदि बनवाने के लिए शिविर भी लगाए जाएंगे

बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वासथ्य का भी ख्याल रखा जाएगा. स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. इस दौरान विभाग की ओर से छात्रों की आयु अनुसार दवाई भी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा अगर छात्रों में बीमारियों की पहचान होती है तो उन बच्चों का बड़े अस्पतालों में इलाज कराने की व्यवस्था भी की जाएगी. विभाग की टीम स्कूल पहुंचेगी और बच्चों की जांच करेगी. इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने निर्देश जारी किए हैं.

प्रमाण पत्रों के लिए नहीं पड़ेगा भटकनाबच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ नए शैक्षणिक सत्र में एक और नवाचार किया जा रहा है. इसके तहत अब छात्रों और उनके परिजनों को जाति, आय, निवास आदि प्रमाण पत्र के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा. राज्य के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र आदि बनाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के सभी विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र और सभी वर्गों का निवास एवं आय प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे.

न्योता भोजइस शैक्षणिक सत्र में भी पिछले साल की तरह स्कूलों में न्योता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. न्योता भोज कार्यक्रम जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, राष्ट्रीय पर्व आदि अवसरों पर शाला के बच्चों को पौष्टिक और टेस्टी भोजन उपलब्ध कराने की एक पहल है. न्योता भोज का आयोजन किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था प्रमुख के अनुमति के बाद किया जाता है.

पुस्तक वितरणनए शिक्षा सत्र से प्रदेश में पुस्तक दान महाअभियान चलाया जाएगा. बता दें कि राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से लेकर दसवीं तक बच्चों को निशुल्क पुस्तक का वितरण किया जाता है. ऐसे में इस बार महाअभियान के जरिए पालकों को अवगत कराया जाएगा कि पुस्तक की उपयोगिता कभी खत्म नहीं होती है. इस अभियान के तहत लोगों से पढ़ने लायक विभिन्न प्रकार की किताबों को दान करने की अपील की जाएगी.

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