20 साहित्यकारों ने पावस, देशभक्ति और छत्तीसगढ़ी अस्मिता पर प्रस्तुत की रचनाएं
तिल्दा-नेवरा। साहित्य और मातृभाषा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से संकल्प साहित्य परिषद, तिल्दा-नेवरा की मासिक काव्य गोष्ठी छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रीय समाज छात्रावास में आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष एवं त्रिभाषी कवि कृष्ण मुरारी वर्मा ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करीब 20 साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का संचालन संतोष नायक (सिनोधा) ने किया।
काव्य गोष्ठी में रचनाकारों ने पावस ऋतु, देशभक्ति, छत्तीसगढ़ी अस्मिता, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों से जुड़ी कविताएं, गीत, गजल और छंद प्रस्तुत किए। बारिश के मौसम की भावनाओं और प्रकृति के सौंदर्य को शब्दों में पिरोई गई रचनाओं ने श्रोताओं को खूब आनंदित किया। साहित्य प्रेमी पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह के साथ रचनाओं का आनंद लेते रहे।
गोष्ठी में जुगेश चंद्र दास (अध्यक्ष, मधुकलश साहित्य परिषद, कोसरंगी-खरोरा), टापलाल वर्मा, यशवंत वर्मा, मोहन लाल वर्मा, डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. ईतवारी राम निषाद, डॉ. कृष्ण कुमार वर्मा, चंद्रहास सेन, नरेन्द्र वर्मा ‘अरमान’, जागृति बघमार, अशोक दास, गणेश राम वर्मा, उमाशंकर यदु, जितेन्द्र कन्नौजे, तिलक राम ध्रुव, अशोक धीवर ‘जलक्षत्री’, तारन साहू और संजय साहू सहित अन्य साहित्यकार शामिल हुए।
इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारियों ने सभी साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की नियमित साहित्यिक गोष्ठियां नई पीढ़ी को साहित्य और मातृभाषा से जोड़ने के साथ-साथ रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का समापन साहित्यकारों और उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।







