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शासकीय स्कूल में छोटे बच्चों से उठवाई जा रही 15–20 लीटर पानी की बाल्टी, वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल

CG News। Bilaspur/Takhatpur : विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भरारी के शासकीय प्राथमिक शाला तेलियापुरान, संकुल केंद्र भरारी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जा रहा है कि स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों से शौचालय में पानी भरवाकर ले जाने का काम कराया जा रहा था। सामने आई जानकारी के अनुसार, बच्चों द्वारा जिस बाल्टी में पानी भरा जा रहा था, उसका वजन लगभग 15 से 20 लीटर बताया जा रहा है। इतनी मात्रा में पानी छोटे बच्चों के लिए उठाकर ले जाना काफी मुश्किल दिखाई दे रहा था।मामले से जुड़ी तस्वीरों और जानकारी में देखा जा सकता है कि बच्चे पानी से भरी बाल्टी को उठाने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। बाल्टी का वजन अधिक होने के कारण बच्चे उसे उठाने के बजाय जमीन पर रखते हुए और खींचते हुए आगे ले जाते दिखाई दिए। जब बच्चों से इस संबंध में जानकारी ली गई, तो बच्चों ने बताया कि “सर ने बाथरूम का दरवाजा खोलकर पानी भरकर आने और दरवाजा बंद कर देने के लिए कहा है।” बच्चों के अनुसार, उन्हें इसी तरह पानी भरकर ले जाने के लिए कहा गया था।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्राथमिक कक्षा में पढ़ने वाले छोटे बच्चों से इतनी भारी बाल्टी में पानी उठवाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या स्कूल में पानी की व्यवस्था या सफाई व्यवस्था के लिए अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है? और यदि बच्चों से इस तरह का काम कराया जा रहा है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे कम उम्र के होते हैं। भारी वजन उठाने के दौरान उनके हाथ, पैर, कमर या अन्य हिस्सों में चोट लगने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा पानी से भरी बाल्टी को जमीन पर खींचकर ले जाने के दौरान बच्चा फिसल भी सकता है। यह मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों के बीच भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षित वातावरण के लिए होता है। ऐसे में बच्चों से इस तरह का शारीरिक काम कराया जाना उचित है या नहीं, इसकी जांच संबंधित अधिकारियों को करनी चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन या संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जांच किया जाना जरूरी है।अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाती है।तखतपुर टाइम्स न्यूज़ की नजर इस मामले पर बनी रहेगी।

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