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अखंड ब्राह्मण समाज के समारोह में शामिल हुए MLA अनुज शर्मा, उत्कृष्ट शिक्षकों का किया सम्मान

CG News: छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज द्वारा सिविल लाइन्स स्थित वृंदावन हॉल में ‘कुटुंब प्रबोधन एवं शिक्षक सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक अनुज शर्मा ने भगवान परशुराम जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चन कर किया। इसके उपरांत, समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि का आत्मीय स्वागत किया गया। ब्राह्मण केवल वर्ग नहीं, सनातन की ‘ज्ञान-परंपरा‘ है समारोह को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास में कुटुंब प्रबोधन और शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने ब्राह्मण समाज के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा, “जब हम ब्राह्मण समाज की बात करते हैं, तो हम केवल एक वर्ग की नहीं, बल्कि भारत की उस सनातन ‘ज्ञान-परंपरा’ की बात करते हैं जिसने युगों-युगों से इस राष्ट्र को सही दिशा दिखाई है।” विधायक ने स्पष्ट किया कि ब्राह्मण का अर्थ जाति या जन्म से नहीं, बल्कि विचार, ज्ञान, त्याग और चरित्र से है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब समाज में अज्ञानता का अंधकार छाया, तब-तब विप्र समाज ने ज्ञान का दीप जलाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। शास्त्र और शस्त्र का संतुलन आवश्यकभगवान परशुराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा, “भगवान परशुराम जी का जीवन हमें शास्त्र और शस्त्र के अद्भुत संतुलन का संदेश देता है। वे ज्ञान के सागर भी थे और अन्याय के खिलाफ न्याय का प्रतीक भी। आज हमें भी उसी संकल्प की आवश्यकता है। हमें अपने बच्चों को आधुनिक से आधुनिक शिक्षा देकर ज्ञान-विज्ञान में निपुण बनाना है, लेकिन साथ ही उन्हें अपनी जड़ों, अपने धर्म और अपनी संस्कृति से मजबूती से जोड़े रखना है।” कुटुंब प्रबोधन से मजबूत होगा राष्ट्र*पारिवारिक मूल्यों पर जोर देते हुए विधायक शर्मा ने कहा कि आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे युग में जहां संयुक्त परिवार प्रथा और सांस्कृतिक मूल्य कमजोर पड़ रहे हैं, वहां कुटुंब प्रबोधन का यह प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय है। परिवार ही हमारी पहली पाठशाला है। यदि हमारे परिवारों में संस्कार, संस्कृति के प्रति गौरव और आपसी जुड़ाव रहेगा, तो कोई भी असामाजिक ताकत हमारे समाज और राष्ट्र को तोड़ नहीं सकती। शिक्षक ही राष्ट्र के वास्तविक शिल्पकार*शिक्षकों की वंदना करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र के वास्तविक शिल्पकार हैं, जो आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और संस्कार प्रदान करते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “शिक्षक-शिक्षिकाओं के इस अनुकरणीय योगदान का ऋण यह समाज कभी नहीं चुका सकता। आप केवल पुस्तकें नहीं पढ़ाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के चरित्र का निर्माण करते हैं। आपके हाथों में ही इस देश और छत्तीसगढ़ का भविष्य सुरक्षित है। सुसंस्कृत समाज निर्माण का लिया संकल्प उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय का आह्वान करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पावन धरा हमेशा से ज्ञान और सद्भाव की भूमि रही है। आइए, आज इस मंच से हम सब यह संकल्प लें कि हम अपने कुटुंब को सुसंस्कृत बनाएंगे, अपने शिक्षकों का सदैव आदर करेंगे और अपनी ज्ञान-परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र-निर्माण में अपना सर्वस्व योगदान देंगे। अंत में उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज के समस्त आयोजकों को इस भव्य और प्रेरणादायी आयोजन के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित शिक्षक-शिक्षिकाओं का मुख्य अतिथि द्वारा शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर भावभीना अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, प्रकाश धर दीवान, भारती शर्मा सहित छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोग उपस्थित रहे।

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