Bemetara News: जेवरा-एस में बच्चा चोरी का दावा झूठा, महिला ने पुलिस को गुमराह किया, BNS 217 के तहत केस दर्ज
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक सनसनीखेज मामले का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ग्राम जेवरा-एस में प्रसव के बाद दो अज्ञात महिलाओं द्वारा नवजात को ले जाने की कहानी पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी निकली है।
बेमेतरा पुलिस ने मामले की परतें खोली तो सच्चाई जानकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई।
क्या था पूरा मामला?
महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव में प्रसव के बाद दो अज्ञात महिलाएं उसके नवजात शिशु को लेकर फरार हो गईं। बच्चा चोरी की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया था।
SP त्रिलोक बंसल ने किया पर्दाफाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेमेतरा एसपी त्रिलोक बंसल ने तत्काल जांच टीम गठित की। पुलिस ने जब महिला का मेडिकल परीक्षण कराया तो कहानी की हवा निकल गई।
जांच में बड़ा खुलासा हुआ –
- महिला गर्भवती ही नहीं थी।
- प्रसव होने का कोई प्रमाण नहीं मिला।
- नवजात होने का भी कोई सबूत नहीं।
दो बार गर्भपात की सच्चाई छिपाने के लिए रचा ड्रामा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि महिला का पहले दो बार गर्भपात हो चुका था। परिवार की नजरों में गलत साबित होने और सच्चाई छिपाने के डर से उसने खुद के गर्भवती होने का झूठा नाटक रचा। जब परिवार को जवाब देना मुश्किल हो गया तो उसने बच्चा चोरी की यह झूठी कहानी गढ़ दी और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
झूठी शिकायत पर केस दर्ज
मामला फर्जी पाए जाने पर बेमेतरा पुलिस ने महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने का अपराध दर्ज किया है।
एसपी त्रिलोक बंसल ने स्पष्ट किया है कि नवजात अपहरण की घटना पूरी तरह निराधार है। इस खुलासे के बाद गांव में फैला संशय अब दूर हो गया है।










