BREAKING

छत्तीसगढ़

“दुर्गा नगर बचाओ” राजनीतिक नहीं ग़रीबों के लिए एक सामाजिक आंदोलन_Newsxpress

CG Khabar | दुर्गा नगर मोहल्ला विकास समिति के अध्यक्ष रामू नायक, वैष्णव भतरिया, वीर तांडी, संकीर्तन तांडी,कलाकुंज सोना,वैष्णव भत्रिया (गुड्डू), गोलू हरपाल,वीर तांडी,प्रमोद भारती, भगवानू महानंद,साजन बाघ, हितेन नेताम,सन्नी भारती ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि “दुर्गा नगर बचाओ” कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि ग़रीबों का झुग्गी झोपड़ी बचाने का एक सामाजिक संकल्प है। जो ग़रीबों और समाज का साथ नहीं दे सकते, वे समाज को भटकाने का प्रयास भी न करें। दुर्गा नगरवासी अच्छी तरह जानते हैं कि उनके वास्तविक हितैषी कौन हैं।

उन्होंने कहा हमें हृदय से प्रसन्नता है कि इस न्यायसंगत संघर्ष में विभिन्न राजनीतिक दलों एवं समाज के प्रबुद्ध जनों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमारा साथ दिया है। इनमें कांग्रेस के राधेश्याम विभार, भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री किशोर महानंद, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक आशीष तांडी, जनता कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक, वरिष्ठ समाजसेवी बनमाली छुरा,समाज सेवी जित्तू सागर, मुकेश मोंगराज,सामाजिक युवा नेता भरत छुरा, हेमलाल नायक, चंदू बघेल, रोशनी बाघ, मीरा सोनी, पिंकी निहाल आदि सैकड़ों लोग शामिल हैं। ये सभी समाज के सच्चे शुभचिंतक हैं।

उन्होंने कहा रायपुर शहर के हृदय स्थल, सिविल लाइन वार्ड में स्थित दुर्गा नगर झुग्गी बस्ती आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। यह बस्ती कोई अतिक्रमण नहीं, बल्कि पिछले 60-70 वर्षों से यहां बसे 120 से अधिक परिवारों का पुश्तैनी आवास है। नगर निगम द्वारा इन परिवारों को शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर पिरदा में विस्थापित करने की तैयारी एक ऐसा अन्यायपूर्ण फैसला है, जो इनके जीवन, आजीविका, शिक्षा और सम्मान पर सीधा प्रहार है।

उन्होंने कहा बस्ती के सभी निवासी पहले ही नगर निगम का घेराव कर ज्ञापन सौंप चुके हैं। यहां तक कि जिन कुछ परिवारों को पिरदा में आवास की चाबी दी गई थी, उन्होंने भी सामूहिक रूप से वे चाबियां वापस कर दी हैं, यह दर्शाता है कि हमारा संघर्ष अटल और एकजुट है।

हमारी मांग स्पष्ट और अटल है: “दुर्गा नगर में ही, उसी स्थान पर, बस्तीवासियों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जाएं।”

इसके लिए रायपुर शहर में ही एक सफल मिसाल मौजूद है। जलविहार कॉलोनी के लगभग 1000 परिवारों को तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) के पास ही बीएसयूपी कॉलोनी बनाकर पुनर्वासित किया गया था। हमारी मांग है कि दुर्गा नगर के निवासियों के साथ भी ठीक उसी तर्ज पर स्थानीय पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा नव वर्ष 2026 हमारे लिए केवल एक नया साल नहीं, बल्कि एक नए संकल्प का वर्ष है। विरोधी यह न भूलें कि समाज जागरूक है। ऐसे में दुर्गा नगर का साथ देने के बजाय विधायक को खुश करने के लिए बयान जारी कर ओछी राजनीति न की जाए। ग़रीबों के लिए थोड़ी सी भी हमदर्दी है साथ आकर जोड़ने का काम करें तोड़ने का नहीं।

हम प्रशासन और सरकार से अपील करते हैं कि वे इस गलत फैसले पर पुनर्विचार करें और दुर्गा नगर के मूल निवासियों को उनके हक में न्याय दिलाएं। हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक हमें हमारा अधिकार नहीं मिल जाता।

Related Posts