रायपुर में गणेश विसर्जन 25 सितंबर से: केवल महादेव घाट कुंड में ही होगी स्थापना; खारून नदी व तालाबों में बैन, नियम तोड़ने पर चालानी कार्रवाई
रायपुर। राजधानी रायपुर में गणेश उत्सव के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर में 25 सितंबर से गणेश मूर्तियों का विसर्जन शुरू होने जा रहा है। जिला प्रशासन और नगर निगम ने सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
महादेव घाट कुंड में ही होगा विसर्जन प्रशासन द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, शहर की सभी छोटी और बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल महादेव घाट स्थित निर्धारित विसर्जन कुंड में ही किया जाएगा।
नदी और तालाबों में विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए खारून नदी, तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव), बूढ़ातालाब समेत शहर के अन्य सभी तालाबों और जल निकायों में प्रतिमा विसर्जन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि कोई भी समिति या नागरिक नदी या तालाबों में प्रतिमा विसर्जन करते पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी और चालानी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की 24 घंटे ड्यूटी नगर निगम ने महादेव घाट विसर्जन कुंड में व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। विसर्जन स्थल पर 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की 24 घंटे पालीवार (शिफ्ट में) ड्यूटी लगाई गई है। छोटी मूर्तियों के विसर्जन के लिए अलग से अस्थायी कुंड भी तैयार किए गए हैं।
1000 से ज्यादा पुलिस जवान और गोताखोर रहेंगे तैनात सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए विसर्जन स्थल और शहर भर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं:
http://सुरक्षा बल: शहर में शांति और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे।









