CG NEWS : रायपुर | भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ आगमन हुआ, जहां उन्होंने करोड़ों की लागत से विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। हालांकि, इस दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा जो मीडिया और जनमानस का केंद्र बना, वह था बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का आंदोलन।
इन सहायक शिक्षकों को डेढ़ वर्ष की सेवा के पश्चात बर्खास्त कर दिया गया था, जिससे वे पिछले कई महीनों से अपनी सेवा बहाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले, इन शिक्षकों ने बिलासपुर में अपनी सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
कल प्रधानमंत्री जी के आगमन के समय, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। ट्विटर पर “ModiJi Support CGBEd” के नाम से यह मुद्दा ट्रेंड करता रहा, जो शाम 4 बजे से लेकर रात 10 बजे तक शीर्ष रुझानों में शामिल रहा। इस सोशल मीडिया अभियान ने पूरे देश का ध्यान इस महत्वपूर्ण समस्या की ओर आकर्षित किया।
भारत के मुख्यधारा मीडिया ने भी इस खबर को कवर किया और यह बताया कि कैसे बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का भविष्य अनिश्चितता में लटक रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों लोगों ने इन शिक्षकों के समायोजन के समर्थन में अपनी आवाज उठाई और सरकार से इस विषय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
बी.एड. प्रशिक्षित सहायक शिक्षको ने इस ट्रेंड और मीडिया कवरेज को अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि उनकी सेवा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें उनके हक का न्याय मिले।B.Ed. प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने कहा कि उन्हें आशा है कि उनकी पीड़ा आदरणीय प्रधानमंत्री जी तक पहुंची होगी क्योंकि नरेंद्र मोदी जी जनहित के फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। यदि यह मुद्दा उन तक पहुंचा है, तो हमें विश्वास है कि हमारा जल्द ही समायोजन होगा