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विकास के नाम पर आदिवासियों की जमीन छीनना बंद करे सरकार – Dr. Sandeep Pathak

CG News । आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद,राष्ट्रीय संगठन महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. संदीप पाठक ने विकास परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी समुदायों की जमीन अधिग्रहण के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में तथाकथित विकास परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी समुदायों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर विस्थापन की स्थिति बन रही है।
डॉ. पाठक ने कहा कि हसदेव तमनार में हजारों आदिवासी परिवारों को उनके घर, जमीन और आजीविका से वंचित किया जा रहा था तब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आदिवासी प्रेम कहां चला गया था। आज वह दूसरे प्रदेश के मुख्यमंत्री को आदिवासियों के अपमान पर दिखावटी पत्र लिख रहे हैं? सबसे दुखद पहलू यह है कि प्रभावित परिवारों को न तो उचित मुआवजा मिल रहा है और न ही उनके लिए सम्मानजनक पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था की जा रही है। यह स्थिति आदिवासी समाज के संवैधानिक और मानवाधिकारों के साथ गंभीर अन्याय है।
उन्होंने कहा कि भारत के संविधान और कानून आदिवासी समुदायों को उनकी जमीन, जल और जंगल पर अधिकार देते हैं। ऐसे में ग्राम सभा की स्पष्ट सहमति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण किया जाना पूरी तरह अनुचित और असंवैधानिक है। सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी विकास परियोजना से पहले स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति अनिवार्य रूप से ली जाए।


डॉ. पाठक ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि आदिवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों, उनकी जमीन, संस्कृति और पारंपरिक आजीविका की पूरी सुरक्षा की गारंटी दी जाए। यदि किसी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण आवश्यक हो, तो प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, स्थायी पुनर्वास और रोजगार के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसमें देश के मूल निवासियों और कमजोर वर्गों के अधिकारों और सम्मान की पूरी रक्षा की जाए। आम आदमी पार्टी आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है और इस मुद्दे को हर स्तर पर मजबूती से उठाती रहेगी।

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