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संघ के समस्त पदों से त्यागपत्र देने बाबत्_Newsxpress

CG Khabar | संगठन का सदस्य एवं पदाधिकारी हूंए पर विगत कुछ माह से संगठन में कुछ लोगों के द्वारा जानबूझकर मेरी छवि खराब करने हेतु अनर्गल टीका टिप्पणी किया जा रहा है जिसका उल्लेख है,. हमारे संग के पूर्व प्रांताध्यक्ष आलोक मिश्रा जी के द्वारा हमारे संघ से त्यागपत्र दिया गया है। तब महासमिति की बैठक आहुत प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन हेतु सभी संघ के ग्रुपों में यह खबर तेजी से फैल गई जिससे मेरे मित्रए सहभागी कर्मचारी गण व शुभचिंतक साथी एवं युवा साथी के द्वारा मेरा भी प्रचार ग्रुपों पर दिया गया जो एक समान्य प्रक्रिया अपनों प्रति । इसके उपरांत संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी के द्वारा मुझे फोन द्वारा यह कहा गया कि अभी इस चुनाव को होने दो तुम और तुम्हारे साथियों को ग्रुप में लाबी करने के लिए मना कर रहा हूं तो लाबी करना बंद कर दो । जो कि उचित नहीं है और मुझे फीडबैक भी मिल रहा है कि तुम और तुम्हारे साथी लोगों के द्वारा स्वयं लाबी कर रहे हो। फिर मैंने तब बोला कि आप जब तक नहीं बोलेंगे मैं उस पद के लिये मैं सोच भी नहीं सकता हूं। उसके पश्चात् प्रांताध्यक्ष का मनोनयन कर प्रातांध्यक्ष की नियुक्ति होने के उपरांत मुझसे पूछा गया। कि प्रांत के कौन से पद पर रहना चाहते हो तो मैंने कहा आप अनुभवी हो आदरणीयजी फिर मेरे साथियों के बोलने पर कहा कि मैं पिछले समिति में प्रांतीय सचिव एवं चतुर्थ श्रेणी प्रकोष्ट का प्रदेश संयोजक के पद पर रह चुका हूं इस बार मुझे प्रदेश का महामंत्री पद दिया जाता तो उचित होता।
आदरणीयजी ने फिर मुझे यह कहा गया कि प्रांत में तीन महामंत्री नहीं हो सकते। तुमको कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष नियुक्त कर दिया जाएगाै । फिर मैं संघ कार्यालय गया जहां मुझे संघ कार्यालय पर भी कार्यकारी प्रांताध्यक्ष का पद न होने का हवाला देते हुये मुझे वरिष्ठ उप.प्रांताध्यक्ष पद का आदेश बताया गया । जबकि प्रदेश महामंत्री के तीन पद का उल्लेख करने बावजूद 4 प्रदेश महामंत्री के पद का संघ द्वारा मनोनयन कर आदेश जारी किया गया । फिर बात आई रायपुर राजधानी जिला.अध्यक्ष कीए जिसमें पूर्व जिला अध्यक्ष के सेवा निविृत होने के उपरांत रायुपर राजधानी में जिलाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाना प्रस्तावित थाए उसके लिए भी मेरा नाम कुशल समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते आठ माह पहले ही बोल दिया गया था।


लेकिन वरिष्ठ पदाधिकारी के द्वारा एवं एक अन्य साथी का भी नाम प्रस्तावित किया गया था उसके पश्चात संघ के पदाधिकारी के द्वारा बिना सूचित एवं पत्राचार किये बगैर रायपुर राजधानी के चिकित्सीय संस्थान मेडिकल कॉलेज रायपुरए डेंटल कॉलेज रायपुरए डीकेएस हास्पिटल रायपुरए आयुर्वैदिक कॉलेज रायपुर एवं जिला अस्पताल रायपुर के साथ. साथ डॉ0 भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालयए रायपुर जैसे संस्थानों में संघ के अध्यक्ष को बिना सूचना एवं बिना जानकारी व चर्चा के एव रायपुर राजधानी के 4 ब्लॉंक एवं उनके कुछ साथीयों के द्वारा निर्वाचन न करके मनोनयन किया जा रहा था। जिस पर मेरे द्वारा मौखिक आपत्ति लिया गया। कि राजधानी के सभी बडें संस्थानों मेडिकल कॉलेज रायपुरए डेंटल कॉलेज रायपुरए डीकेएस हास्पिटल रायपुरए आयुर्वैदिक कॉलेज रायपुर एवं जिला अस्पताल रायपुर के साथ. साथ डॉ0 भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालयए रायपुर को बिना सुचित किये मनोनयन करना उचित नहीं है। जबकि रायपुर राजधानी जिलाध्यक्ष स्थानीय कार्यालय का होना उचित होगा और यदि आप रायपुर से 40-50 किलोमीटर दूर वाली संस्था से जिलाध्यक्ष मनोनित कर रहे है वह आकस्मिक परिस्थिति में कर्मचारियों के लिये उपलब्ध नही पायेगा। तो पहले आप रायपुर में इन्हें संलग्न करवाने केे पश्चात् ही या निर्वाचन मनोनयन किया जाना उचित होगा।


तब प्रांतीय पदाधिकारी एवं ब्लाक के ब्लाक अध्यक्ष एवं उनके साथीयों के द्वारा यह कहा गया कि आप सभी संस्था के लोग है। हम सभी चारों ब्लॉंक के अध्यक्षों के द्वारा अपना जिलाध्यक्ष मनोनयन कर नियुक्त करते है। तांे मेरे द्वारा इसका विरोध करते हुये यह कहा गया जब हम सभी इतने बडी संस्था के लोग का आदंोलन में बडी संख्या में सहभगिता होती है और जब जिलाध्यक्ष का निर्वाचन प्रक्रिया किया जा रहा है। तो सिर्फ व्लॉंक वालों लोगों का निर्णय ही सर्वपरी है तो इस तरह की बैठक में मेरा क्या काम । ऐसा बोलकर मैं और मेरा तीन साथी बैठक को छोड़कर निकल गये । लेकिन कुछ स्वार्थी एवं चापलूस व्यक्ति संघ को दीमक की तरह खोखला कर संघ के जाबाज साथियों को संघ से बाहर करने का दुष्ट प्रयास किया जा रहा है। उसके द्वारा मेरे बैठक से तत्काल निकलते ही संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी को मेरे बारे दुस प्रचार किया गया। उसके कुछ देर बाद ही संघ के मेरे सम्मानीय वरिष्ठ पदाधिकारी सर्वेसर्वा कर्ताधर्ता आदरणीय जी ने मुझे फोन कर यह बोले कि तुम बैठक छोड़कर मुझसे बिना पुछे कैसे चले गये। तो मेरे द्वारा आदरणीय को यह कहा गया जब सारा कार्य आपके संरक्षण में हो रहा था और आप भीड़ से घिरे हुये थे। जबकि आपको तो पूरी घटना की जानकारी देने के बावजूद भी आपके द्वारा भी किसी प्रकार प्रति.उत्तर नहीं आया। बल्कि आपके द्वारा मुझे ही पूरी उल्टी सीधी भड़ास निकालते हुये फोन में ही यह कहा गया कि तुम्हारे द्वारा प्रांत में जब प्रंाताध्यक्ष का मनोनयन निर्वाचन हो रहा था तांे मेरे आफिस कार्यालय में बहुत राजनीति कर रहे थे अब राजधानी में भी तुम्हारे द्वारा बहुत राजनीति किया जा रहा है।तो मेरे द्वारा सिर्फ यह कहा गया कि यह आफिस कार्यलय सिर्फ आपका नहीं है ये आफिंस कार्यालय राज्य के सभी कर्मचारियों का संघ कार्यालय है। यह सत्य बोलना मेरी गलती हो गयी । फिर आदरणीय जी के द्वारा तुम इसे अपना जिलाध्यक्ष मानते हो कि नहीं तांे मेरे द्वारा साफ.साफ मना कर दिया गया । बस पश्चात् मेरे 20 वर्षों से अपने संगठन जुड़ा हूँ और पिछले 11 वर्ष से अध्यक्ष पद पर लगातार अपना परिवार समझकर मजबूत करते आया हॅंू। फिर भी ये सारे चीजों को दर किनार करते हुये मेरे द्वारा बोले हुये सीधा शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालयए रायपुर का अध्यक्ष का निर्वाचन करवाने हेतु हमारे वरिष्ठ आदरणीय के द्वारा यह कहकर निर्वाचन प्रक्रिया रची गयी कि सतीश पसेरिया अब वरिष्ठ उप.प्रांताध्यक्ष हो गया है। तो वह दो पद पर नहीं रह सकता। महोदय जी आपको अवगत कराना चाहॅंूगा। मैं पहले भी ाा शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालयए रायपुर का अध्यक्ष के साथ.साथ प्रदेश सचिवए छ0ग0 स्वास्थ्य कर्मचारी संघए प्रदेश संयोजकए छ0ग0 स्वास्थ्य कर्मचारी संघए चतुर्थ श्रेणीए छ0ग0 स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का रहा चुका हॅंू। ओर अपने साथियों को लेकर बडे.बडे आंदोलन हो या बडे बडे संस्था के अधिकारी से लोहा लेते हुये अपने संघ को सफलता दिलायी । और आज की स्थिति में मेरे व्यक्त्वि पर कुछ स्वार्थी एवं चापलूस व्यक्ति संघ को दीमक की तरह खोखला करने वाले के बातों में आकर मेरे सेवा भाव पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे है।


विदित हो कि हमारे महाविद्यालय के कुछ लोगों का संघ में वर्षों से किसी भी प्रकार की गतिविधि में सहभागिता नही होते हुये भी उन्हे आपदा में अवसर प्राप्त करवाते हुये संघ द्वारा दायित्व दिया गया है जिससे महाविद्यालय के कर्मचारियों में आपसी मेतभेद गलत फैसलों की वजह हुआ है और हो भी रहा है। जिसे मेरे द्वारा कर्मचारियों को बढी परिश्रम से फूलों की माला की तरह एक सुत्र में बांध के रखा हॅंू। जो कुछ संघ स्वार्थी तत्वों एवं दीमक की तरह छ0ग0 स्वास्थ्य कर्मचारी संघ को खोखला करने वाले निष्ठावानए समर्पित भाव रखने वाले एवं सभी जाबाज साथियों संघ का बाहर का रास्ता दिखाकर अपना मनमानी कर रहे है।
साथ ही विदित हो कि जैसे ही मेरा वरिष्ठ उप.प्रांताध्यक्ष का आदेश आपके द्वारा जारी करने के पश्चात् कुछ वरिष्ठ सेवा निवृत्त प्रांतीय पदाधिकारी मेरा कौन से पद है वो चतुर्थ श्रेणी का करके उपहास किया गया। जिसकी योग्यता सिर्फ मेट्रिक है प्रांताध्यक्ष के योग्य नही है। इस तरह की भेदभाव हमारे संगठन में नहीं हुआ करता था। जो आज भेदभाव शुरू हो गया है। हम सिर्फ भीड़ बढाने के लिये रखा जाता है। इस सब क्रिया से आहत होकर मैं आपको व्हाटसाप के माध्यम से अपना त्याग पत्र समस्त पदों से दे रहा हॅंू।
संघ के द्वारा दी गयी जिम्मेदारी आज अपना त्याग पत्र प्रस्तुत करता हूॅं।

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