हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का दिन है। इस दिन पूरे विधि विधान से किया गया पूजा पाठ व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी होती हैं।
महाशिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त- 05:21 ए एम से 06:12 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:15 पी एम से 12:59 पी एम
महाशिवरात्रि के दिन का निशिता मुहूर्त- देर रात 12:11 ए एम से लेकर मध्य रात्रि 01:02 ए एम तक
पूजन सामग्री लिस्ट-
1) बेलपत्र
2) रक्षा सूत्र
3) भांग
4) शिव पार्वती की प्रतिमा और शिवलिंग
5) नारियल
6) सिंदूर
7) पीली सरसों
8) भस्म
9) मिट्टी के दीपक 5 या 11
10) केसर
11) लौंग
12) सुपारी
13) इलायची
14) माता पार्वती के लिए श्रृंगार का सामान
15) माता पार्वती के लिए वस्त्र
16) शिव परिवार सभी के लिए वस्त्र
17) भगवान शिव के लिए वस्त्र और अंगोछा
18) जनेऊ
19) पान के पत्ते
20) गुलाब जल
21) भोग के लिए मिठाई और फल
22) हवन सामग्री
23) शिवलिंग के अभिषेक के लिए गाय का दूध
24) आम का पल्लव
25) पीला कपड़ा
26) अक्षत
27) जौ
28) तिल
29) कुमकुम30) शहद
31) गंगाजल
विधि –
महाशिवरात्रि के पावन दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन शिवजी की पूजा चारों प्रहरों में करने की परंपरा है। आप इस अवसर पर जलाभिषेक के साथ रुद्राभिषेक भी कर सकते हैं या फिर साधारण पूजा घर पर ही कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले जागकर सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद शिवजी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा की शुरुआत शिवलिंग से करें।
शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, पंचामृत, गन्ने का रस आदि अर्पित करें। इसके बाद भस्म, सफेद चंदन, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, बेर, गन्ना आदि चढ़ाएं और फल व मिठाइयां भी समर्पित करें।
पूजा के बाद घी का दीपक जलाएं, धूप करें। इसके साथ शिव चालीसा, शिव स्तुति और मंत्रों का जाप करें और फिर शिव आरती कर लें। अंत में किसी भी भूल चूक के लिए क्षमा मांगें। पूरे दिन फलाहार करें या केवल जल ग्रहण कर व्रत रखें।










