BREAKING

देश दुनियां

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘ब्रेन डेड’ पति के स्पर्म सुरक्षित रखने की पत्नी को मिली अनुमति



कोच्चि में केरल हाई कोर्ट ने एक संवेदनशील मामले में अहम अंतरिम आदेश जारी करते हुए एक महिला को अपने ‘ब्रेन डेड’ पति के शुक्राणु (स्पर्म) सुरक्षित रखने की अनुमति दे दी है। अदालत ने कोझिकोड के संबंधित अस्पताल को निर्देश दिया है कि वह मान्यता प्राप्त ‘असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी’ (ART) क्लिनिक के माध्यम से गैमीट्स निकालकर उन्हें संरक्षित करे।


याचिकाकर्ता के अनुसार,
उसके पति को चिकन पॉक्स के बाद ‘एक्सटेंसिव सेरेब्रल वीनस थ्रोम्बोसिस’ हो गया, जिसके चलते उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया है और वे वेंटिलेटर पर हैं। महिला ने कोर्ट में कहा कि मौजूदा स्थिति में उसके पति ART एक्ट की धारा 22 के तहत जरूरी लिखित सहमति देने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में यदि देरी होती है, तो उसके मां बनने की संभावना खत्म हो सकती है।


अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केवल स्पर्म निकालने और सुरक्षित रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में IVF जैसी किसी भी प्रजनन प्रक्रिया के लिए अलग से न्यायालय की अनुमति जरूरी होगी। मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल 2026 को होगी।यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत में प्रजनन संबंधी प्रक्रियाओं के लिए पति-पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक होती है। ऐसे में ‘ब्रेन डेड’ व्यक्ति के मामलों में यह आदेश एक नई कानूनी दिशा और संभावित मिसाल पेश करता है।

सभी प्रकार की विज्ञापन के लिए हमें इस नंबर 👉7415454656,पर संपर्क करें

Related Posts