उत्तर प्रदेश: रिश्तों और कानून के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को उसकी पत्नी के गायब होने पर हत्या के झूठे आरोप में जेल जाना पड़ा। बाद में पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों से सच्चाई सामने आने पर पूरा मामला पलट गया। राजू तिवारी, जिनकी शादी करीब 10 साल पहले अंकिता से हुई थी, जनवरी में उस समय मुश्किल में पड़ गए जब उनकी पत्नी घर से जेवर लेकर अचानक लापता हो गई। इसके बाद अंकिता के परिजनों ने राजू और उनके पिता के खिलाफ हत्या (धारा 302) का मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हालांकि, मामले की गहराई से जांच के दौरान पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और गूगल लोकेशन की मदद ली। जांच में सामने आया कि अंकिता हरियाणा में अपने प्रेमी, जो कि उसका मौसेरा भाई बताया जा रहा है, के साथ सुरक्षित रह रही थी और लिव-इन रिलेशनशिप में थी।
पुलिस ने अंकिता को बरामद कर लिया और इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर जारी किया। सच्चाई सामने आने के बाद राजू को जेल से रिहा कर दिया गया। वहीं, झूठा केस दर्ज कराने के आरोप में अंकिता के परिजनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
यह मामला दिखाता है कि कैसे कभी-कभी कानून का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को फंसाया जा सकता है, लेकिन निष्पक्ष जांच और तकनीकी सबूतों के सामने सच्चाई आखिरकार सामने आ ही जाती है।










