CG Khabar : Bilaspur | बिल्हा रेलवे फाटक के समीप लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पिछले एक महीने से जारी इस निर्माण कार्य में न तो ठेकेदार द्वारा और न ही संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।
सुरक्षा संकेतों का अभाव और जानलेवा गड्ढे
मौके पर स्थिति यह है कि नई सड़क का निर्माण मौजूदा जमीनी स्तर से लगभग एक फीट ऊपर किया जा रहा है, लेकिन सड़क के किनारों पर किसी भी प्रकार का सुरक्षा संकेत (Safety Signs), लाल झंडी या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। नियमानुसार निर्माण स्थल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड और यातायात को निर्देशित करने के लिए कर्मचारी तैनात होने चाहिए, परंतु यहाँ ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।
आज टला एक बड़ा हादसा
आज बिलासपुर से बिल्हा आ रही एक कार सड़क के किनारे से नीचे उतर गई। सड़क और कच्ची जमीन के बीच एक फीट का अंतर होने के कारण कार अनियंत्रित हो गई। गनीमत रही कि वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार और कलेक्टर महोदय को भी है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने ठेकेदार की इस मनमानी पर रोक लगाने या सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास नहीं किया है। भारी वाहनों और ‘मंगल स्पंज’ जैसी कंपनियों की प्रेशर गाड़ियों का इस मार्ग पर लगातार आवागमन रहता है, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है।
आम जनता की मांग
पिछले एक महीने से जल निकासी (नाली निर्माण) और सड़क कार्य के कारण जनता त्रस्त है। धूल और अव्यवस्थित ट्रैफिक के बीच बिना किसी ‘डायवर्जन बोर्ड’ के काम करना प्रशासनिक जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। ग्रामीणों और राहगीरों ने मांग की है कि:
तत्काल प्रभाव से सड़क के किनारों पर रिफ्लेक्टर और लाल झंडियाँ लगाई जाएं।
रात के समय वाहन चालकों की सुविधा के लिए लाइट और चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था हो।
लापरवाह ठेकेदार और संबंधित PWD अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
यदि समय रहते प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।










