CG Khabar : रायपुर की ऐतिहासिक जलधरोहर महाराजबंध तालाब आज गंदगी और उपेक्षा से बाहर निकलकर नई पहचान की ओर बढ़ रही है। यह परिवर्तन ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के समर्पित योद्धाओं की 11 दिनों की निरंतर मेहनत, त्याग और सेवा भावना का परिणाम है। अभियान के तहत प्रतिदिन औसतन 2 ट्रक कचरा, प्लास्टिक, पॉलीथिन और गाद तालाब से बाहर निकाली जा रही है। अब यह सफाई अभियान पूर्णता की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर है।
यह अभियान केवल सफाई नहीं, बल्कि शहर की जलधरोहर बचाने का जनआंदोलन बन चुका है। कठिन परिस्थितियों में तालाब की गंदगी में उतरकर कार्य करना, बिना थके लगातार डटे रहना और किसी प्रशंसा की अपेक्षा किए बिना सेवा करना — यही ग्रीन आर्मी के योद्धाओं की असली पहचान है।
सेवा, संकल्प और संघर्ष की मिसाल बने ग्रीन आर्मी के योद्धा
कीचड़, दुर्गंध और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद ग्रीन आर्मी के योद्धा हर दिन दृढ़ संकल्प के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। कोई कचरा उठा रहा है, कोई गाद निकाल रहा है, तो कोई पूरी व्यवस्था संभालते हुए इस आंदोलन को मजबूती दे रहा है। यह तस्वीर बताती है कि जब नागरिक खुद आगे आते हैं, तब असली बदलाव संभव होता है।
धरना और जनजागरूकता से मजबूत हुआ आंदोलन
तालाब संरक्षण के उद्देश्य से ग्रीन आर्मी द्वारा एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया गया, जिसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जलस्रोतों की सुरक्षा अब टाली नहीं जा सकती।
साथ ही 11 तारीख से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को तालाब बचाने, गंदगी न फैलाने और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
ग्रीन आर्मी ने शहर के हर जागरूक नागरिक से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें, ग्रीन आर्मी के योद्धा बनें, श्रमदान करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित जलधरोहर छोड़ने में अपनी भागीदारी निभाएँ।









