CG NEWS : रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने एसआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस नेता तथा एसआईआर के रायपुर लोकसभा प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बूथों के पुनर्गठन पर आपत्ति की है, और चुनाव आयोग व भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, और अन्य प्रमुख पदाधिकारी मीडिया से रूबरू हुए। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मामला कांग्रेस का मुद्दा नहीं है, यह अनुसूचित जाति, जनजाति, किसानों और नौजवानों का मुद्दा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आखिर हड़बड़ी में एसआईआर क्यों कराया जा रहे हैं। जबकि यहां कोई चुनाव नहीं है। कांग्रेस ने एसआईआर के लिए एक माह का समय बढ़ाने की मांग की थी। मगर ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस नेताओं ने बिन्दुवार गड़बड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि बूथों का पुनर्गठन किया गया है। हर विधानसभा में बूथों की संख्या बढ़ी है। हाल यह है कि कई जगहों पर 160 तो कुछ जगहों पर एक हजार से अधिक मतदाता हैं। कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि युक्तियुक्तकरण क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि नए बूथों में
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बीएलओ की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में आपत्ति-दावे कौन लेगा ? कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बूथों के पुनर्गठन से पहले आपत्ति-दावे क्यों नहीं लिए गए? आयोग ने मतदाता सूची के साथ-साथ आपत्ति-दावे भी मंगाए थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाए कि जहां भाजपा कमजोर है, वहां मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी जाएगी। रायपुर ग्रामीण के पूर्व प्रत्याशी पंकज शर्मा ने पूरी प्रक्रिया को संदेहास्पद करार दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में योजनाबद्ध एवं मनमाने तरीके से बडे पैमाने पर कांग्रेस समर्थित लोगो के नाम हटा दिये गये है। रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बूथ क्रमांक 38 सोनडोंगरी के बी.एल.ए. श्री प्रकाश कुमार सिंह का नाम “शिफटेड“ की सूची में डाल दिया गया है जबकि उनके द्वारा विधिवत फार्म भरकर सभी दस्तावेजों को संलग्न करके अपना फॉर्म बी.एल.ओ. को दिया था उसके बाद भी उनका नाम हटा दिया गया है। इस तरह के अनेक उदाहरण है। जिस तरह की त्रुटियां पाई जा रही है इससे यह लगता है कि यह त्रुटिया जानबूझकर की जा रही है, यह अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है और इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खडे होते है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन, मो. इकराम सहित अन्य नेता मौजूद थे।










