CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ दौरे में आए देश के गृहमंत्री अमित शाह को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा प्रदेश में नक्सलवाद की समाप्ति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 का डेड लाइन दिया है जिसमें अब सिर्फ 50 दिन शेष बचे। इस विषय में आज गृहमंत्री शाह जी के बड़ी बैठक लेने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा नक्सलवाद से सबसे अधिक नुकसान छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आदिवासियों को हुआ है, और इस संघर्ष की समाप्ति के बाद किसी और के लिए नहीं बल्कि आदिवासियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सरकार का कर्तव्य है।
अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा इसमें दो राय नहीं है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह जी नक्सलवाद उन्मूलन के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ का सबसे अधिक दौरा करने वाले देश के पहले गृह मंत्री हैं, और इसके लिए उन्होंने गृह मंत्रीअमित शाह के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रयासों की सराहना की है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही आदिवासी समुदायों के “जल, जंगल और जमीन” पर उनके पारंपरिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आदिवासियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप बनाया जाए। इसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित किए जाने चाहिए। अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा, “नक्सलवाद की समस्या के समाधान के साथ-साथ बस्तर क्षेत्र के समग्र उत्थान और आदिवासियों के कल्याण पर ध्यान देना अब सबसे ज़रूरी है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह आदिवासी समुदायों की आकांक्षाओं और अधिकारों को केंद्र में रखते हुए एक स्थायी शांति और विकास योजना लागू करे।”
जनता कांग्रेस, छत्तीसगढ़ ने इस मुद्दे पर सरकार के सकारात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की कि केंद्र एवं राज्य सरकार आदिवासी हितों की रक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी।









