BREAKING

छत्तीसगढ़

Eight successful years of service: नीलांचल सेवा समिति ने रचा इतिहास_Newsxpress

CG News : बसना । आज का दिन क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है। नर सेवा को ही नारायण सेवा मानने वाली अग्रणी संस्था ‘नीलांचल सेवा समिति’ ने आज अपने गौरवशाली सफर के 8 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और समिति के संस्थापक डॉ. संपत अग्रवाल की कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और दूरदर्शी सोच की गूँज चारों ओर सुनाई दे रही है।

संस्थापक का संदेश:जनता का प्रेम ही मेरी शक्ति

स्थापना दिवस के पावन अवसर पर भावुक होते हुए संस्थापक एवं विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज से आठ वर्ष पूर्व जब हमने एक छोटे से पौधे के रूप में नीलांचल सेवा समिति का बीजारोपण किया था, तब लक्ष्य केवल एक ही था—अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछना। आज यह पौधा एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जिसकी छाया में हजारों परिवार संबल पा रहे हैं। यह सफलता मेरी नहीं, बल्कि उन सभी समर्पित कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता के विश्वास की जीत है।

सेवा का विस्तृत फलक: अब तक का सफर

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए संस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि संस्था ने निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा, विशाल स्वास्थ्य शिविर और गंभीर बीमारियों के इलाज में हज़ारों लोगों को जीवनदान दिया है।मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन और गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए निरंतर कार्य किया है।

उन्होंने आगे कहा कि नीलांचल सेवा समिति ने जगन्नाथ संस्कृति के संरक्षण और क्षेत्र के मंदिरों के जीर्णोद्धार में सक्रिय भूमिका निभाई है।कोरोना काल हो या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा, नीलांचल के जांबाज सिपाहियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना घर-घर राशन और दवाइयां पहुंचाई।

ओजस्वी आह्वान: “रुकना नहीं, थकना नहीं”

विधायक डॉ. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि यह तो केवल शुरुआत है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि जब तक क्षेत्र का एक भी व्यक्ति असहाय महसूस करेगा, नीलांचल सेवा समिति चैन से नहीं बैठेगी। उनका विजन ‘स्वस्थ बसना, शिक्षित बसना और समृद्ध बसना’ की दिशा में अब और भी तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने कहा कि नीलांचल सेवा समिति का 8वां स्थापना दिवस मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का एक महापर्व है।

Related Posts