रायपुर। यह सवाल अक्सर सामने आता है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था पुरानी कार बेचती है तो उस पर जीएसटी (GST) कैसे लागू होगा। इस विषय पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट चेतन तरवानी ने विस्तृत जानकारी दी।
स्थिति 1
यदि कार बेचने वाला एक व्यक्ति (Individual) है या ऐसा कार डीलर है जो जीएसटी में पंजीकृत नहीं है, तो ऐसे लेन-देन पर जीएसटी लागू नहीं होगा। खरीददार चाहे जीएसटी में पंजीकृत हो या न हो, इस स्थिति में टैक्स देयता नहीं बनेगी।
स्थिति 2
यदि कार बेचने वाला जीएसटी में पंजीकृत है – चाहे वह प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म या कंपनी ही क्यों न हो – तो कार बेचने पर जीएसटी देय हो जाएगा।
पुरानी कार की बिक्री पर 16 जनवरी 2025 से 18% जीएसटी लागू होगा।
टैक्स उसी हिस्से पर लगेगा जहाँ बुक वैल्यू (लेखा पुस्तकों में दर्ज मूल्य) से अधिक मूल्य पर कार बेची गई हो।
यदि कार बुक वैल्यू से कम में बेची जाती है तो किसी प्रकार का जीएसटी देय नहीं होगा।
उदाहरण
मान लीजिए किसी कार को 10 लाख रुपये में खरीदा गया और डेप्रिसिएशन के बाद उसकी बुक वैल्यू दूसरे वर्ष में 7.65 लाख रुपये रह गई।
यदि कार 8 लाख में बेची गई तो वास्तविक लाभ 35,000 रुपये हुआ। इस लाभ पर 18% जीएसटी देय होगा।
लेकिन यदि वही कार 7.50 लाख में बेची जाती है, तो चूँकि यह बुक वैल्यू से कम है, जीएसटी लागू नहीं होगा।
महत्वपूर्ण बिंदु
कार खरीदते समय जीएसटी इनपुट क्रेडिट उपलब्ध नहीं होता।
बिक्री के समय सही तरीके से जीएसटी ट्रांजैक्शन करना आवश्यक है।
यदि कार बुक वैल्यू से अधिक में बेची जाती है, तो इसे वार्षिक रिटर्न में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
सीए चेतन तरवानी ने वीडियो जारी कर व्यापारियों और जीएसटी रजिस्टर्ड संस्थानों को सलाह दी है कि पुरानी कार की बिक्री करते समय नियमों को ध्यानपूर्वक पालन करें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कर संबंधी परेशानी न हो।