Health Minister Of Jharkhand

नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को चुनाव जीतने के पश्चात विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर स्थानीय लोगों में दिखी नाराजगी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बन्ना गुप्ता से की जाएगी शिकायत

नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को चुनाव जीतने के पश्चात विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर स्थानीय लोगों में दिखी नाराजगी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बन्ना गुप्ता से की जाएगी शिकायत

Jamshedpur :- बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत के नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को चुनाव जीतने के पश्चात विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की है और उनके समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है।

धालभूम अनुमंडल में आवेदन देकर विजय जुलूस निकालने की मांगी अनुमति

नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता एवं उनके समर्थकों द्वारा धालभूम अनुमंडल की गोपनीय शाखा में आवेदन देकर रविवार को विजय जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी, जिससे मतदाताओं का आभार जताया जा सके। मगर उनके आवेदन के जवाब में कहा गया है कि विजय जुलूस निकालने पर उनके खिलाफ कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करने का खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

अनुमति नहीं मिलने पर सुनील गुप्ता ने भी जताई आपत्ति

श्री गुप्ता ने भी विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अधिकतर प्रत्याशी का विजय जुलूस निकाला गया है, लेकिन किसी को प्रशासन ने जुलूस निकालने की मनाही नहीं की है। पूरे चुनाव में कोविड-19 के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ है पर प्रशासन मौन रहा।

जनप्रतिनिधियों के मान सम्मान के साथ हुआ खिलवाड़ तो होगा पुरजोर विरोध

वहीं दूसरी तरफ विजय जुलूस निकालने पर कोविड-19 के केस दर्ज किए जाने की बात कह कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अवहेलना की जा रही है, जिसकी शिकायत झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बन्ना गुप्ता से की जाएगी। सुनील गुप्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के अगर मान सम्मान के साथ खिलवाड़ किया जाएगा तो सारे जनप्रतिनिधि एकजुट होकर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। जिसका जवाबदेही संबंधित पदाधिकारी होंगे।

3 मई मंगलवार को मनाया जाएगा विश्व अस्थमा दिवस

3 मई मंगलवार को मनाया जाएगा विश्व अस्थमा दिवस

Delhi :- आज पूरी दुनिया में लोग अस्थमा से प्रभावित हैं लेकिन इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में कुछ ही लोग जानते हैं, इसलिए विश्व अस्थमा दिवस का पालन करना और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। विश्व अस्थमा दिवस ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (GINA) द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में अस्थमा जागरूकता में सुधार करना है। यह मई के पहले मंगलवार को होता है। उद्घाटन विश्व अस्थमा दिवस 1998 में आयोजित किया गया था।

2018 की वर्ल्ड अस्थमा रिपोर्ट के अनुसार, अस्थमा दुनिया भर में कुल 339 मिलियन लोगों को प्रभावित करता है और भारत में लगभग 15-20 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं और बड़ी संख्या में आबादी के पास अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच नहीं है।

भारत सरकार ने 2018 में घोषणा की थी कि वह लगभग 100 मिलियन निम्न-आय वाले परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने की योजना बना रही है ताकि वे अच्छी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं का खर्च उठा सकें। ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2018 के अनुसार, राजस्थान जैसे राज्यों ने पहले ही सरकारी अस्पतालों के लिए अस्थमा रोगियों को मुफ्त मीटर्ड खुराक, ड्राई पाउडर इनहेलर कैप्सूल, इनहेलर और नेबुलाइज़र प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है।


अस्थमा के निम्नलिखित लक्षण :-
– साँसों की कमी
– नियमित खांसी
– व्यायाम के बाद थकान
– छाती में जकड़न
– सोने में परेशानी
– घरघराहट

क्यों होता है अस्थमा :-
– धूम्रपान
– प्रदूषण
– एलर्जी
– मोटापा
– तनाव

अजमाइए यह उपाय :-
– फिटनेस पर काम करें
– प्रदूषण तेज दूर रहे
– धूम्रपान बंद करें
– खुद को टीका लगवाए

अस्थमा के बारे में आम गलतफहमियां :-
– उच्च खुराक वाले स्टेरॉयड से  अस्थमा को नियंत्रित किया जा सकता है।
– अस्थमा एक बचपन की बीमारी है, एक व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ-साथ वह इससे बाहर निकल सकता है।
– अस्थमा के मरीजों को व्यायाम करने से बचना चाहिए।

अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को क्या करना चाहिए :-

दमा के रोगी को अपनी दवा का ठीक से पालन करना चाहिए और अपने नेब्युलाइज़र और इनहेलर को हमेशा संभाल कर रखना चाहिए। सीडीसी के अनुसार अस्थमा से पीड़ित लोगों को स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए और उन्हें ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा लेनी चाहिए।