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जमशेदपुर बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का टेंडर 27 से 28 जुलाई तक किया जाएगा  – अभियंता प्रमुख

जमशेदपुर बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का टेंडर 27 से 28 जुलाई तक किया जाएगा – अभियंता प्रमुख

बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के जल आंदोलनकारी बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में कई आंदोलनकारियों ने 25 जुलाई को रांची के नेपाल हाउस मुख्यालय में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख श्री रघुनंदन शर्मा से मिले।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख श्री रघुनंदन शर्मा से मिलकर बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की विस्तृत जानकारी आंदोलनकारियों के द्वारा मांगी गई। बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ बागबेड़ा छोटा गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति की विस्तृत जानकारी दे दी गई।

अभियंता प्रमुख रघुनंदन शर्मा ने आंदोलनकारी सुबोध झा ,मनोज कुमार को कहे बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का टेंडर 27 से 28 जुलाई तक कर दिया जाएगा। जमशेदपुर से अधीक्षक अभियंता शिशिर सोरेन, एसडीओ अनुज सिंहा, जेई भागीरथ कुमार को बुलाया गया है। अभियंता प्रमुख के सीडीपीओ सुधा कांत झा के ऑफिस में बैठा कर सारा डॉक्युमेंट्स पेपर टेंडर के लिए तैयार किया जा रहा है ।

विभाग के कार्यालय में उपस्थित आंदोलनकारी

बागबेड़ा को मिलेगा 68 करोड़ 88 लाख रुपए का राशि

बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के लिए 68 करोड़ 88 लाख रुपए का प्रकलन राशि तैयार कर दी गई है ।जिसका टेंडर 27 से 28 जुलाई को निकाल दी जाएगी। बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के फिल्टर प्लांट के निर्माण के लिए 2 करोड़ 93 लाख रुपया का राशि तैयार कर दी गई है। इसका भी टेंडर 1 हफ्ते के अंदर कर दिया जाएगा राशि की स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है।

गोविंदपुर जलापूर्ति योजना को मिलेगी 7 करोड़ 21 लाख

मनोज कुमार ने छोटा गोविंदपुर के बारे में जानकारी मांगी तो अभियंता प्रमुख रघुनंदन शर्मा ने कहा छोटा गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना के मेंटेनेंस के लिए एक ही व्यक्ति के द्वारा टेंडर भरे जाने के कारण टेंडर रद्द कर दिया गया था ‌। पुणह टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद टेंडर निकाली की स्वीकृति दे दी गई ,जिसकी लागत 7 करोड़ 21 लाख रुपए की है।

विभाग द्वारा आंदोलनकारियों के बीच दस्तावेज भी उपलब्ध कराई गए

बागबेड़ा जलापूर्ति योजना के अध्यक्ष सुबोध झा एवं आंदोलनकारियों को विभाग द्वारा सारा डॉक्युमेंट्स उपलब्ध कराया गया और कुछ समय विभाग को देने के लिए आग्रह भी किया गया।

सुबोध झा के साथ आंदोलनकारी मनोज कुमार, श्रीनिवास गुप्ता ,विनोद कुमार, अखिलेश कुमार सिंह मुख्य रूप से शामिल थे।

नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को चुनाव जीतने के पश्चात विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर स्थानीय लोगों में दिखी नाराजगी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बन्ना गुप्ता से की जाएगी शिकायत

नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को चुनाव जीतने के पश्चात विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर स्थानीय लोगों में दिखी नाराजगी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बन्ना गुप्ता से की जाएगी शिकायत

Jamshedpur :- बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत के नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता को चुनाव जीतने के पश्चात विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की है और उनके समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है।

धालभूम अनुमंडल में आवेदन देकर विजय जुलूस निकालने की मांगी अनुमति

नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता एवं उनके समर्थकों द्वारा धालभूम अनुमंडल की गोपनीय शाखा में आवेदन देकर रविवार को विजय जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी, जिससे मतदाताओं का आभार जताया जा सके। मगर उनके आवेदन के जवाब में कहा गया है कि विजय जुलूस निकालने पर उनके खिलाफ कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करने का खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

अनुमति नहीं मिलने पर सुनील गुप्ता ने भी जताई आपत्ति

श्री गुप्ता ने भी विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अधिकतर प्रत्याशी का विजय जुलूस निकाला गया है, लेकिन किसी को प्रशासन ने जुलूस निकालने की मनाही नहीं की है। पूरे चुनाव में कोविड-19 के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ है पर प्रशासन मौन रहा।

जनप्रतिनिधियों के मान सम्मान के साथ हुआ खिलवाड़ तो होगा पुरजोर विरोध

वहीं दूसरी तरफ विजय जुलूस निकालने पर कोविड-19 के केस दर्ज किए जाने की बात कह कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अवहेलना की जा रही है, जिसकी शिकायत झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बन्ना गुप्ता से की जाएगी। सुनील गुप्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के अगर मान सम्मान के साथ खिलवाड़ किया जाएगा तो सारे जनप्रतिनिधि एकजुट होकर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। जिसका जवाबदेही संबंधित पदाधिकारी होंगे।