जमशेदपुर के सिविल सर्जन डॉक्टर ए के लाल किए गए बर्खास्त, सरकारी पद पर रहते हुए 2005 में लड़ा था चुनाव

JAMSHEDPUR :- पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रभारी सिविल सर्जन को बुधवार 30 मार्च को हुई कैबिनेट की बैठक में उनकी बर्खास्तगी पर मुहर लग गई है l आप लोगों को बताते चलें कि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने डॉक्टर लाल की बर्खास्तगी की फाइल दबाने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ लाल के बर्खास्तगी की फाइल पर सहमति प्रदान कर दी l इसे झारखंड लोक सेवा आयोग के पास सहमति के लिए भेजा गया l जेपीएससी की सहमति के बाद इसे कैबिनेट से मंजूरी मिल गई l

2021 में भी बर्खास्त करने का लिया गया था फैसला

वर्ष 2021 में सरकार ने डॉक्टर लाल को बर्खास्त करने का फैसला लिया था लेकिन फाइलें स्वस्थ विभाग में दबी हुई थी जिसके वजह से वह बचते चले गए l

चिकित्सक प्रभारी रहते हुए 2005 में लड़ा था चुनाव

बिहार में वर्ष 2005 में चिकित्सा पदाधिकारी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रहते हुए डॉ लाल ने बिहार के झंझारपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर बिना इस्तीफा दिया चुनाव लड़ा था l इसके बाद ही वे पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रभारी सिविल सर्जन बनाए गए l

2009 में पहली बार उठा था डॉक्टर लाल के खिलाफ मामला

डॉ लाल के खिलाफ मामला 2009 में पहली बार उठा था डॉक्टर लाल पर लगे आरोप की जांच के लिए झारखंड सरकार ने विभागीय कमिटी बनाई कमेटी ने उन पर लगे आरोप को सही पाया l इसके तीन बार उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया और वह टालमटोल जवाब देकर किसी तरह बचते रहे l

दी गई थी त्यागपत्र परंतु नहीं मिली मंजूरी

खबरों के मुताबिक डॉ एके लाल का कहना है कि विभागीय जांच के पहले चरण में नामांकन के साथ नौकरी से त्यागपत्र की जानकारी दे दी थी परंतु मंजूरी नहीं मिली और नाम वापसी का समय गुजर चुका था इसलिए नामांकन के बाद भी चुनाव प्रचार एवं अन्य प्रक्रिया से दूर रहे थे l

अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ डॉक्टर लाल हाईकोर्ट में दायर करेंगे याचिका

Spread the News
By NewsXPress

Leave a Reply

Your email address will not be published.

संबंधित खबरें