सुनील मित्तल बोले- मौजूदा दर पर मार्केट में बने रहना मुश्किल

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टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Airtel) के चेयरमैन सुनील मित्तल (Sunil Bharti Mittal) का कहना है कि अभी मोबाइल सर्विस की दरें तार्किक नहीं हैं.

नई दिल्ली. टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Airtel) के चेयरमैन सुनील मित्तल (Sunil Bharti Mittal)  का कहना है कि अभी मोबाइल सर्विस की दरें तार्किक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा दरों पर बाजार में बने रहना मुश्किल है, इसलिए दरों में बढ़ोतरी जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई निर्णय लेने से पहले बाजार की परिस्थितियों को देखा जाएगा.

दरों में बढ़ोतरी की जानी चाहिए
अगली पीढ़ी के 5जी नेटवर्क में चीन की दूरसंचार उपकरण मैन्युफैक्चरर्स को भागीदारी की मंजूरी मिलेगी या नहीं, इस बारे में पूछे जाने पर मित्तल ने कहा कि बड़ा सवाल देश के निर्णय का है. देश जो भी निर्णय लेगा, हर कोई उसे स्वीकार करेगा. उन्होंने कहा, जहां तक दूरसंचार सर्विस की दरों का सवाल है, कंपनी ने (एयरटेल ने) इस बारे में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. एयरटेल मजबूती से यह मानती है कि दरों में बढ़ोतरी की जानी चाहिए.

मौजूदा रेट्स टिकाऊ नहीं
मित्तल ने कहा, ”मौजूदा दरें टिकाऊ नहीं हैं, लेकिन एयरटेल बिना बाजार के या नियामक के कदम उठाए खुद से पहल नहीं कर सकती है. उद्योग जगत को एक समय पर दरें बढ़ाने की जरूरत होगी. हमें ऐसा करते समय बाजार की परिस्थितियों को देखना होगा.” दरअसल, मित्तल से यह पूछा गया था कि भारतीय बाजार में दूरसंचार सेवाओं की दरें बढ़ाने के लिए क्या समय अपरिहार्य लगता है और क्या एयरटेल इस दिशा में पहल करेगी या प्रतिस्पर्धियों के कदम उठाने की प्रतीक्षा करेगी?



160 रुपये में एक महीने के लिए 16 जीबी डेटा देना त्रासदी
उल्लेखनीय है कि मित्तल ने इस साल अगस्त में इस बारे में टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि 160 रुपये में एक महीने के लिए 16 जीबी डेटा देना त्रासदी है. कंपनी का कहना रहा है कि टिकाऊ कारोबार के लिए प्रति ग्राहक औसत राजस्व को पहले 200 रुपये और धीरे-धीरे बढ़कर 300 रुपये तक पहुंचना चाहिए. सितंबर तिमाही में भारती एयरटेल का प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) 162 रुपये रहा था. यह राजस्व इससे पहले जून, 2020 तिमाही में 128 रुपये और जून, 2019 तिमाही में 157 रुपये रहा था.

दूरसंचार क्षेत्र अधिक पूंजी लगाने की जरूरत
मित्तल ने एक बार फिर से दूरसंचार क्षेत्र में कर की ऊंची दरों तथा अधिक शुल्कों की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र अधिक पूंजी लगाने की जरूरत वाला क्षेत्र है. इसमें नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, टावर और प्रौद्योगिकी में लगातार निवेश करते रहने की जरूरत होती है.

News Article & Images Source: https://hindi.news18.com/

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