विंध्याचल को PM मोदी का तोहफा, 3000 गांवों में पाइप से पहुंचेगा पीने का पानी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) और सोनभद्र (Sonbhadra) जिलों के लिए 23 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिलान्यास किया.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) और सोनभद्र (Sonbhadra) जिलों के लिए 23 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिलान्यास किया. इस कार्यक्रम में राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सोनभद्र जिले में शामिल हुए.

मिर्जापुर और सोनभद्र के करीब 3000 गांवों में पाइप से पहुंचेगा पीने का पानी
पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के विंध्यांचल के मिर्जापुर और सोनभद्र जिले में 2,995 राजस्व ग्रामों की 42 लाख आबादी को लाभ पहुंचाने वाली 5,555 करोड़ की 23 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं का शिलान्यास किया.




देश में 2.60 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मिला शुद्ध पानी
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि इस योजना के तहत लाखों परिवारों को नलों से शुद्ध पानी मिलेगा. सोनभद्र और मिर्जापुर में जो संसाधन हैं, उसकी वजह से लोग यहां आ रहे हैं. लेकिन आजादी के बाद इधर किसी ने ध्यान नहीं दिया. विंध्याचल और बुंदेलखंड का इलाका उपेक्षा का शिकार रहा है. इस क्षेत्र की पहचान सूखा क्षेत्र की रही है. लिहाजा यहां से लोग हमेशा पलायन करते रहे. उन्होंने कहा कि हर घर जल पहुंचाने के अभियान को अब डेढ़ साल हो रहे हैं. इस दौरान देश में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा परिवारों को उनके घरों में नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का इंतजाम किया गया है. इसमें लाखों परिवार उत्तर प्रदेश के भी हैं.

बीमारियों में आ रही है कमी 
जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पाइप से पानी पहुंचने की वजह से हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान हो रहा है. इसका एक बड़ा लाभ गरीब परिवारों के स्वास्थ्य को भी हुआ है. इससे गंदे पानी से होने वाली अनेक बीमारियों में भी कमी आ रही है. इससे गंदे पानी से होने वाली हैजा, टायफायड, इंसेफलाइटिस जैसी अनेक बीमारियों में भी कमी आ रही है.

उन्होंने कहा कि जब विंध्यांचल के हजारों गांवों में पाइप से पानी पहुंचेगा तो इससे भी इस क्षेत्र के मासूम बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा. ऐसे में लोगों का शारीरिक और मानसिक विकास और बेहतर होगा. जब अपने गांव के विकास के लिए, खुद फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलती है, उन फैसलों पर काम होता है, तो उससे गांव के हर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. जिससे आत्मनिर्भर गांव, आत्मनिर्भर भारत के अभियान को बल मिलता है.

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