मौलाना खादिम रिजवी की मौत पर कोरोना महामारी का डर भूले पाकिस्तानी

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54 वर्षीय मौलाना खादिम हुसैन रिजवी (Khadim Hussain Rizvi) की गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी.

लाहौर. दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने तांडव मचा रखा है. एशिया से लेकर यूरोप तक… लेकिन शनिवार को पाकिस्तान के लाहौर में एक कट्टरपंथी मौलाना (Khadim Hussain Rizvi) की मौत का शोक मनाने के लिए हजारों की संख्या में लोग एक ही जगह इकट्ठा हुए. ये मजमा लाहौर में देखने को मिला, जबकि कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते पाकिस्तान की इमरान खान (Imran Khan) सरकार ने भीड़ के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा रखा है.

बता दें कि 54 वर्षीय मौलाना खादिम हुसैन रिजवी की गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. मौत से एक दिन पहले मौलाना इस्लामाबाद में एक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे. ये विरोध प्रदर्शन फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून प्रकाशित करने के विरोध में आयोजित किया गया था.

पाकिस्तान में नवंबर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हर रोज बढ़ रहे हैं और इमरान सरकार ने बड़े कार्यक्रमों और मीटिंग पर प्रतिबंध लगा रखा है. इमरान सरकार के मुताबिक पाकिस्तान में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है.



रॉयटर्स की खबर के मुताबिक पाकिस्तान में शनिवार को 2,843 पॉजिटिव मामले सामने आए जबकि पिछले 24 घंटों में 42 लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हुई.
कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए लागू नियमों-कायदों के बावजूद हजारों की संख्या में लोग मौलाना रिजवी को विदा करने सड़कों पर निकले. अंत्येष्टि के आयोजकों ने कहा कि सरकार ने उन्हें भीड़ को सीमित करने के लिए कोई आदेश नहीं जारी किया था.

रॉयटर्स की ओर से प्रतिक्रिया के लिए भेजे गए सवाल पर पाकिस्तान सरकार ने कुछ नहीं कहा. सड़कों पर भीड़ इतनी थी कि लाहौर में कोलाहल मच गया. सेलफोन सेवाएं ठप हो गईं और सड़कों पर भारी जाम लग गया.

रॉयटर्स ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा है कि मौलाना की अंत्येष्टि में दो लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया होगा. भीड़ को देखते हुए मौलाना के पार्थिव शरीर को भीड़ के बीच कंधों पर नहीं ढोया जा सका और अंतिम प्रार्थना के लिए एक पुल पर रखा गया ताकि लोग अंतिम बार देख सकें.

अपने भड़काऊ भाषणों और तकरीरों के लिए मशहूर मौलाना रिजवी तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान पार्टी के अगुवा थे, जिसने हाल ही में ईश निंदा को लेकर भी कई प्रदर्शन किए थे. साथ ही कई मुद्दों पर इमरान सरकार के खिलाफ सड़कों पर हल्ला बोला था.

इस महीने की शुरुआत में मौलाना ने हजारों प्रदर्शनकारियों की अगुवाई करते हुए इस्लामाबाद तक मार्च निकाला था और शहर के मेन रोड को घंटों तक ब्लॉक करके रखा. इसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई.

News Article & Images Source: https://hindi.news18.com/

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