'JNU का नाम बदलने से अच्छा विवेकानंद के नाम पर बनाएं नया यूनिवर्सिटी'

Himachal

प्रोफेसर मकरंद परांजपे ने कहा कि जो इस तरह की मांग करते हैं वे स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) के नाम पर नया विश्वविद्यालय बनाएं, जेएनयू (JNU) का नाम क्यों बदलना?

शिमला. देश में इन दिनों दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) का नाम बदलने की मांग की जा रही है, जिस पर खासी चर्चा हो रही है. जिस दिन से पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने जेएनयू कैंपस में स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) की मूर्ति का अनावरण किया है, तब से भाजपा के कुछ नेता और हिंदुत्व विचारक इस यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. इस बीच जेएनयू के प्रोफेसर और शिमला स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. मकरंद परांजपे ने इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए नाम बदलने की मांग करने वालों को कड़ा जबाब दिया है.

प्रोफेसर मकरंद परांजपे ने कहा कि जो इस तरह की मांग करते हैं वे स्वामी विवेकानंद के नाम पर विशाल और अच्छा विश्वविद्यालय बनाएं. नया विश्वविद्यालय बनाएं, जेएनयू का नाम क्यों बदलना है.

उन्होंने कहा कि जो चीज सही चल रही है, उसे चलने दें. जेएनयू का नाम नहीं बदलना चाहिए. इस तरह की मांग करना भी सही नहीं है.



देश के भीतर भाजपा के कई छोटे-बड़े नेता जेएनयू का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. हाल ही में कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा के महासचिव बनाए गए सीटी रवि ने भी जेएनयू का नाम बदलने की मांग की. उनकी मांग थी कि इस विश्वविद्यालय का नाम बदलकर विवेकानंद के नाम पर रखा जाए. उनके बयान के बाद कई अन्य नेताओं ने भी ये मांग उठाई.
बता दें कि बीते सोमवार को सीटी रवि ने ट्वीट किया कि स्वामी विवेकानंद भारत की विचारधारा के लिए खड़े हुए थे. उनके दर्शन और मूल्य भारत की ताकत को दर्शाते हैं. इसलिए ये सही है कि जेएनयू का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय कर दिया जाए. भारत के देशभक्त संत का जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा.

News Article & Images Source: https://hindi.news18.com/

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